logo

लखनऊ की 14 वर्ष की समृद्धि तिवारी को हकीम जी के घरेलु नुस्खों से एलर्जी में मिली राहत

लखनऊ की रहने वाली समृद्धि तिवारी महज 14 वर्ष की आयु में ही एलर्जी नाम की भंयकर बीमारी से घिर गईं। समृद्धि अभी कक्षा 10 में ही आयी थी और इस बीमारी ने उसे अंदर से झकझोंर दिया। एक तो बोर्ड परीक्षा की चिंता दूसरी ये बीमारी। माता-पिता भी बस इसी चिंता में जी रहे थे कि ना जाने कब हमारी बेटी को इस बीमारी से छुटकारा मिलेगा। हालाँकि कि डॉक्टरों द्वारा इस बीमारी का इलाज लगातार चलाया जा रहा था। लेकिन फायदा ज्यों का त्यों। आज समृद्धि बिल्कुल ठीक होने की कगार पर हैं और धीरे-धीरे खुद को भी मजबूत कर रही है। बीमारी का यह लंबा सफर कैसा रहा आइये खुद समृद्धि के शब्दों में सुनिए।

समृद्धि तिवारी परिवार की अकेली बेटी है। घर में उनकी माता और पिता हैं। वह अभी कक्षा 10 में हैं और बोर्ड के परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। समृद्धि को एलर्जी की समस्या थी। एलर्जी को खत्म करने के लिए वह एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल कर रही थीं। जिनसे उन्हें कुछ खास ज्यादा आराम नहीं लग पा रहा था। लेकिन इस भयानक बीमारी से राहत पाने के लिए दवाओं का सेवन करना ही था। समृद्धि को एलर्जी की वजह से सर दर्द, लगातार छींक आना और तलवे ठण्डे हो जाना नॉर्मल था। जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। अपनी बच्ची की इसी परेशानी को देखते हुए माता पिता भी काफी परेशान रहने लगे। आखिर हों भी क्यों ना। एक ही तो संतान है उनकी। यदि वह संतान भी स्वस्थ ना रह पाए तो जीवन में समस्याओं का आना लाज़मी है। बेटी की इस बीमारी को दूर करने के लिए कहां-कहां, और ना जाने किस-किस डॉक्टर से इलाज कराया। लेकिन बीमारी थी कि दूर जाने का नाम ही नहीं ले रही थी। इसके बावजूद भी समृद्धि ने हार नहीं मानी और लगातार इसका डटकर मुकाबला किया।

अब एक तरफ तो भविष्य, दूसरी तरफ जीवन इन दोनों पहलुओं को समृद्धि किस कदर निभा रही थी। ये तो बस वह खुद ही जानती है। इस छोटी सी उम्र में परेशानियों के बोझ तले वह दब चुकी थी। जैसी भी बस इसी तरह उसकी जिंदगी गुजर रही थी। फिर एक दिन ऐसा आता है जिसमें उसके लिए कोई चमत्कार होने वाला हो। मानो एक दम से उसके सारे दुःख खत्म होने वाले हों। समृद्धि की माता जी ने टीवी चैनल पर हकीम सुलेमान खान का कार्यक्रम सेहत और जिंदगी देखा। कार्यक्रम देखते ही वे उनसे और उनके द्वारा बाताए गए बीमारियों को घरेलु नुस्खों से ठीक करने को लेकर काफी प्रभावित हुईं। प्रोग्राम खत्म होने के बाद ही उन्होंने झट से हकीम जी संपर्क किया। इस प्रकार इस बच्ची के जीवन में भगवान के रूप में हकीम सुलेमान खान जी का प्रवेश हुआ। समृद्धि के माता पिता को भी यह लगने लगा कि मानो अब सारे कष्ट दूर होने वाले हैं। हकीम साहब उन्हें बीमारियों के इस दलदल से बाहर निकाल लेंगें और आखिर में ऐसा हुआ भी।

समृद्धि का कहना है कि हकीम साहब ने उनकी जिंदगी में एक नया मोड ला दिया है। इस एलर्जी के केवल रोकथाम के लिए ही उन्हें हाई एमजी की दवाइयाँ खानी पड़ती थी। जिनका दुष्प्रभाव भी शरीर पर देखने को मिलता था। लेकिन हकीम जी की घरेलु दवाइयों ने एलर्जी को मानों छुमंतर कर दिया हो। हकीम जी के घरेलु नुस्खों को अपनाकर आज समृद्धि के चेहरे पर जो खुशी है उसका सीधा श्रेय हकीम सुलेमान खान जी को जाता है। हकीम साहब जी के द्वारा बतायी गयी तुलसी प्लस, माजून आर केयर का समृद्धि ने सेवन शुरू किया। आज उसकी सेहत में 70 फीसदी आराम हो चुका है। साथ ही वह लगातार इन दवाओं का उपयोग कर रही है।

यहाँ देखिये उन्होंने हकीम साहब को धन्यवाद करते हुए क्या कहा

तुलसी प्लस क्या है?

तुलसी एक औषधीया पौधा है और आयुर्वेद में भी तुलसी के गुणों का उल्लेख विस्तार रूप स देखने को मिलता है। वर्तमान समय में कई बीमारियों के घरेलु उपायों के रूप में तुलसी का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है। तुलसी की पत्तियाँ विटामिन और खनिज की भंडार हैं। इसमें मुख्य रूप से विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक, आयरन और क्लोरोफिल पाया जाता है। तुलसी की पत्तियों का रोजाना सेवन करना काफी गुणकारी होता है। इसकी पत्तियों का रोजाना सेवन करने से स्ट्रेस और डिप्रेशन की समस्या से भी राहत मिलती है। तुलसी के इन्हीं फायदों को देखते हुए ही अधिकांश लोग अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाना पसंद करते हैं।

समृद्धि लगातार इन दवाओं का सेवन कर रही हैं। वह अपने साथियों और पड़ोसियों को भी हकीम साहब के नुस्खे अपनाने की सलाह देती हैं। ताकि कोई भी हकीम साहब के उपायों और नुस्खों से वंचित ना रह जाये। समृद्धि अब तक कई लोगों की मदद कर चुकी हैं और कई छोटी-छोटी बीमारियों में हकीम जी का नुस्खा लोगों तक पहुँचाती रही हैं।

मुफ्त स्वास्थ्य संबंधी सलाह लेने के लिए इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं
011 6120 5511

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *